अगर आप माँ बनने की कोशिश कर रहे हैं और नतीजा नहीं मिल रहा — तो Thyroid एक बड़ी वजह हो सकती है। और ज़्यादातर लोग इसे चेक करवाने के बारे में सोचते भी नहीं।
भारत में Thyroid की समस्या बहुत आम है, खासकर महिलाओं में। परेशानी यह है कि कई महिलाओं को पता ही नहीं होता कि उन्हें Thyroid है। थकान, वजन बढ़ना, अनियमित पीरियड्स — इन्हें हम कुछ और समझकर नजरअंदाज़ कर देते हैं।
Dr. Sonu Balhara, IVF & Fertility Expert, ART Fertility Clinics, Gurugram, हर फर्टिलिटी जाँच में Thyroid ज़रूर चेक करती हैं। उनके अनुभव में यह सबसे आम और सबसे आसानी से ठीक होने वाली फर्टिलिटी समस्याओं में से एक है।
Thyroid क्या करता है?
Thyroid गले में एक छोटी सी ग्रंथि है। यह हॉर्मोन बनाती है जो शरीर की रफ्तार को कंट्रोल करती है। लेकिन यह हमारे reproductive system को भी सीधे प्रभावित करती है — ovulation, पीरियड्स, अंडों की गुणवत्ता, और गर्भाशय की तैयारी।
जब Thyroid सही से काम नहीं करती — चाहे बहुत धीमी हो (Hypothyroidism) या बहुत तेज़ (Hyperthyroidism) — तो प्रेग्नेंसी में दिक्कत आती है।
Thyroid फर्टिलिटी को कैसे प्रभावित करती है?
Hypothyroidism — Thyroid का धीमा पड़ना
यह सबसे आम समस्या है। जब Thyroid कम हॉर्मोन बनाती है:
- पीरियड्स अनियमित या बंद हो जाते हैं
- Ovulation ठीक से नहीं होता — अंडा सही समय पर नहीं निकलता
- अंडों की गुणवत्ता खराब हो सकती है
- भ्रूण टिकने में दिक्कत होती है
- गर्भपात का खतरा बढ़ जाता है
- थकान, वजन बढ़ना, बाल झड़ना
Hyperthyroidism — Thyroid का तेज़ चलना
- पीरियड्स बहुत हल्के या बार-बार आने लगते हैं
- प्रेग्नेंसी में दिक्कत होती है
- दिल की धड़कन तेज़, वजन कम होना, बेचैनी
Subclinical Hypothyroidism — वो समस्या जो रिपोर्ट में नॉर्मल दिखती है
यहाँ TSH थोड़ा बढ़ा होता है लेकिन T3 और T4 नॉर्मल होते हैं। कई डॉक्टर इसे ‘ठीक है’ कह देते हैं। लेकिन फर्टिलिटी के लिए यह भी नुकसानदायक हो सकता है।
Dr. Sonu Balhara खासतौर पर उन मरीज़ों में यह देखती हैं जिनकी बार-बार IVF फेल हुई हो या जिन्हें Unexplained Infertility कहा गया हो।
प्रेग्नेंसी के लिए TSH कितना होना चाहिए?
आम नॉर्मल TSH 0.5 से 4.5 होती है। Thyroid की बीमारी या Thyroid Antibodies वाली महिलाओं में कई fertility specialists IVF से पहले TSH को optimize करना चाहते हैं। ASRM की 2024 guideline के अनुसार सटीक TSH target हर मरीज़ के लिए अलग हो सकता है — यह फैसला डॉक्टर करते हैं:
- TSH जो नॉर्मल range के ऊपरी हिस्से में हो, वो आपके डॉक्टर आपकी पूरी history के साथ देखेंगे
- Thyroid antibodies या symptoms होने पर normal TSH range में भी इलाज की सलाह दी जा सकती है
- Thyroid की स्थिति को IVF से पहले optimize करना फायदेमंद होता है — डॉक्टर आपके लिए सही target तय करेंगे (Source: ASRM Guideline, Fertility & Sterility, 2024)
अगर TSH ज़्यादा है तो एक छोटी सी रोज़ाना की गोली — Levothyroxine — 4 से 8 हफ्ते में इसे ठीक कर देती है।
क्या IVF से पहले Thyroid ठीक हो सकती है?
हाँ — और यही कारण है कि जल्दी जाँच करवाना इतना ज़रूरी है। Thyroid की गड़बड़ी सबसे आसानी से ठीक होने वाली फर्टिलिटी समस्याओं में से एक है। एक साधारण रोज़ाना की गोली से 4 से 8 हफ्तों में TSH सही हो जाता है।
Dr. Sonu Balhara हर उस महिला को Thyroid टेस्ट करवाने की सलाह देती हैं जो IVF की तैयारी कर रही हो या माँ बनने की कोशिश कर रही हो। यह एक छोटी सी जाँच है जो महीनों की नाकामी बचा सकती है।
Thyroid टेस्ट कब करवाएं?
- 6 महीने से ज़्यादा कोशिश के बाद भी प्रेग्नेंसी न हो
- पीरियड्स बहुत अनियमित हों, बहुत कम या बहुत ज़्यादा हों
- हमेशा थकान लगे, बिना वजह वजन बढ़े, बाल झड़ें
- गर्भपात हुआ हो — खासकर एक से ज़्यादा बार
- IVF शुरू करने की योजना हो
- परिवार में किसी को Thyroid हो
टेस्ट बेहद सरल है — एक खून की जाँच, 24 घंटे में नतीजा। देरी करने की कोई वजह नहीं।
Dr. Sonu Balhara | IVF & Fertility Expert | ART Fertility Clinics, Sector 38, Gurugram | Personal Clinic: Sector 46, Greenwood City, Gurugram | +91 9811409586 | sonubalharaivf.com
आखिरी बात
Thyroid फर्टिलिटी की सबसे आम और सबसे आसानी से ठीक होने वाली समस्याओं में से एक है — फिर भी ज़्यादातर लोग इसे सबसे आखिर में चेक करते हैं।
अगर आप माँ बनने की कोशिश कर रहे हैं और अभी तक Thyroid नहीं जाँचा — तो Dr. Sonu Balhara से मिलें। ART Fertility Clinics, Sector 38, Gurugram या वीडियो कॉल पर।

