भारत में — और दुनिया के बहुत से देशों में — बांझपन को हमेशा से ‘औरत की समस्या’ माना जाता है। जब बच्चा नहीं होता, तो पत्नी डॉक्टर के पास जाती है, पत्नी का इलाज होता है, और पत्नी ही सारा बोझ उठाती है।
यह सोच बदलने की ज़रूरत है। Dr. Sonu Balhara, ART Fertility Clinics, Gurugram की Director और 25 साल से ज़्यादा अनुभवी IVF & Fertility Expert, हमेशा पहली मुलाकात में दोनों पार्टनर की जाँच करती हैं। Iraq, Iran, England, Nigeria, Congo, Afghanistan, Bangladesh, Japan — 21 से ज़्यादा देशों के जोड़े उनके पास आ चुके हैं। उनके अनुभव में 40–50% मामलों में पुरुष में कोई न कोई कमी होती है।
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40% पुरुष से जुड़ा |
40%
महिला से जुड़ा |
20% दोनों / अनजाना कारण |
यह दोनों की यात्रा है — किसी एक का बोझ नहीं।
| Instagram Reel @drsonubalharaivf
“फर्टिलिटी जाँच में हमेशा दोनों पार्टनर शामिल होने चाहिए — शुरुआत से ही।” Dr. Sonu Balhara का इस विषय पर Instagram Reel देखें: |
Dr. Sonu Balhara की सोच: पहली मुलाकात में दोनों पार्टनर की जाँच एक साथ होती है — एक-एक करके नहीं। इससे महीनों का गलत इलाज बच जाता है।
पुरुष बांझपन होता क्या है?
इसका मतलब है कि पुरुष के शुक्राणुओं में — संख्या में, चलने की ताकत में, या आकार में — कोई कमी है जो प्रेग्नेंसी रोक रही है। एक सरल सीमन एनालिसिस टेस्ट से यह पता चल जाता है। यह दर्दरहित है और एक बार क्लिनिक आने की ज़रूरत होती है।
मुख्य कारण क्या होते हैं?
| CAUSE 01
कम शुक्राणु 15 मिलियन से कम शुक्राणु होना कम माना जाता है। प्रेग्नेंसी मुश्किल होती है, नामुमकिन नहीं। ✔ ठीक हो सकता है |
| CAUSE 02
शुक्राणुओं का कम चलना अगर शुक्राणु तेज़ नहीं चलते तो वो अंडे तक नहीं पहुँचते। यह सबसे आम समस्याओं में से एक है। ✔ इलाज कारगर है |
| CAUSE 03
असामान्य आकार ज़यादातर शुक्राणुओं का बेढंगा आकार भी प्रेग्नेंसी की संभावना कम करता है। ✔ मैनेज किया जा सकता है |
| CAUSE 04
शुक्राणु बिलकुल नहीं (Azoospermia) वीर्य में शुक्राणु का न होना। इसके कारण अलग-अलग हो सकते हैं और इलाज उपलब्ध है। ✔ विकल्प मौजूद हैं |
| CAUSE 05
DNA में खराबी यह सामान्य सीमन टेस्ट में नहीं दिखती। लेकिन यह IVF फेल होने की एक छुपी वजह होती है। Dr. Sonu Balhara ने 2012 में IFS National Conference में इसी विषय पर रिसर्च पेपर पेश किया था। ✔ अक्सर छूट जाता है — ज़रूर पूछें |
| CAUSE 06
जीवनशैली कसे हुए कपड़े, गरम पानी, सिगरेट, शराब, मोटापा, स्टेरॉयड — ये सब शुक्राणु को कमज़ोर करते हैं। और ये बदले जा सकते हैं। ✔ पूरी तरह ठीक किया जा सकता है |
सीमन टेस्ट — एकदम सरल और ज़रूरी
यह टेस्ट शुक्राणु की संख्या, चाल, आकार और मात्रा जाँचता है। दर्दरहित, एक ही बार में होता है। Dr. Sonu Balhara की सोच है — पहली मुलाकात में दोनों की एक साथ जाँच। इससे महीनों का गलत इलाज बच जाता है।
इलाज के तरीके
| Step 1 | जीवनशैली ठीक करना
खाना, व्यायाम, सिगरेट-शराब बंद, गर्मी से बचाव। |
| Step 2 | दवाइँयाँ
हार्मोन और शुक्राणु उत्पादन सुधारने के लिए। |
| IUI | Intrauterine Insemination
हल्की कमज़ोरी में — साफ शुक्राणु सीधे गर्भ में डाले जाते हैं। |
| IVF+ICSI | IVF के साथ ICSI
एक स्वस्थ शुक्राणु सीधे अंडे में इंजेक्ट किया जाता है — गंभीर मामलों में बेहद असरदार। |
| TESA/PESA | सर्जिकल तरीका
Azoospermia में — अंडकोष से सीधे शुक्राणु निकाले जाते हैं। |
शर्म की कोई बात नहीं
India हो, Nigeria हो, Iraq हो या Afghanistan — पुरुष बांझपन पर बात करना आज भी मुश्किल है। इसी वजह से कई जोड़े सालों तक सिर्फ महिला का इलाज करवाते रहते हैं जबकि समस्या पुरुष में होती है।
ART Fertility Clinics, Gurgaon में पूरी गोपनीयता रखी जाती है। Dr. Sonu Balhara ने अपने व्यक्तिगत समय में गुरुद्वारे में मुफ्त सलाह दी है और NGO Chaupal के साथ गाँवों में मेडिकल सेवाएं दी हैं — क्योंकि वो मानती हैं कि अच्छा इलाज सबको मिलना चाहिए।
“पुरुष बांझपन आम है, जाँच हो सकती है और ठीक हो सकता है।
अगर बच्चा नहीं हो रहा तो दोनों की जाँच ज़रूरी है।”
| Instagram Reel @drsonubalharaivf
Dr. Sonu Balhara का Reel देखें और @drsonubalharaivf को Follow करें — और भी Q&A विडियो आते रहेंगे। |
Dr. Sonu Balhara | IVF & Fertility Expert | ART Fertility Clinics, Sector 38, Gurugram | Personal Clinic: Sector 46, Greenwood City, Gurugram | +91 9811409586 | sonubalharaivf.com
आखिरी बात
पुरुष बांझपन आम है, जाँच हो सकती है और ठीक हो सकता है। अगर बच्चा नहीं हो रहा तो दोनों की जाँच ज़रूरी है। Dr. Sonu Balhara के ART Fertility Clinics, Gurugram में आज ही Couple Consultation बुक करें।

