एडेनोमायोसिस एक ऐसी स्थिति है जिसमें गर्भाशय की अंदरूनी परत (endometrium) गर्भाशय की मांसपेशी (myometrium) में घुस जाती है। यह दर्दनाक और भारे periods का कारण बन सकती है — पर कई बार कोई लक्षण नहीं होते। और infertility में यह एक अहम लेकिन अक्सर नज़रअंदाज़ की गई वजह है।
Dr. Sonu Balhara, IVF & Fertility Expert, ART Fertility Clinics, Gurugram — बताती हैं कि एडेनोमायोसिस क्या है, यह प्रेग्नेंसी को कैसे प्रभावित करती है, और इसका इलाज क्या है।
Infertility में एडेनोमायोसिस कितनी आम है?
पहले माना जाता था कि यह बड़ी उम्र की माँ बन चुकी महिलाओं में होती है। अब यह धारणा बदल चुकी है। Infertility से जूझ रही 8–27% महिलाओं में एडेनोमायोसिस पाई जाती है। (Medicina, 2023.) बेहतर ultrasound और MRI से अब यह जवान महिलाओं में भी पहचानी जा रही है।
एडेनोमायोसिस फर्टिलिटी को कैसे प्रभावित करती है?
- गर्भाशय की प्राकृतिक हलचल (peristalsis) बाधित होती है — जो sperm और embryo को सही जगह पहुँचाती है
- Endometrial receptivity (भ्रूण टिकने की क्षमता) कम हो जाती है
- Local inflammation बनी रहती है
- Molecular level पर implantation से जुड़े genes प्रभावित होते हैं
Nirgianakis et al. 2021 के meta-analysis में पाया गया: एडेनोमायोसिस वाली महिलाओं में IVF में clinical pregnancy rate कम (OR 0.69) और miscarriage rate ज़्यादा (OR 2.17) होती है।
लक्षण — पर अक्सर कोई नहीं
- भारे, दर्दनाक periods
- जाँच में गर्भाशय बड़ा और दर्दनाक
- बिना period के भी पेड़ू में दर्द
- बार-बार शुरुआती गर्भपात
लगभग 35% महिलाओं में कोई लक्षण नहीं होते — fertility जाँच में अचानक पता चलता है।
एडेनोमायोसिस की जाँच कैसे होती है?
Transvaginal ultrasound (TVS)
पहला कदम। एक अनुभवी sonographer गर्भाशय की दीवार में असमानता, cysts, और striations जैसे संकेत देख सकता है।
MRI
सबसे सटीक non-invasive जाँच। Junctional zone (endometrium और myometrium का बीच) साफ दिखती है। Ultrasound अस्पष्ट हो तो MRI ज़रूरी है।
एडेनोमायोसिस के लिए कोई खून की जाँच नहीं है। पक्की जाँच tissue से होती है, पर आमतौर पर biopsy की ज़रूरत नहीं।
एडेनोमायोसिस और IVF — नए प्रमाण
First Lugano Workshop on Adenomyosis (RBMO, 2024) के अनुसार:
- एडेनोमायोसिस वाली महिलाओं में IVF में live birth rate कम होती है
- Frozen embryo transfer हमेशा बेहतर नहीं — अभी research जारी है
- जितनी ज़्यादा myometrium प्रभावित, उतना ज़्यादा असर
IVF से पहले एडेनोमायोसिस का इलाज
GnRH agonist (Lupron / leuprolide) downregulation
IVF से 3–6 महीने पहले इंजेक्शन देने से एडेनोमायोसिस की सक्रियता कम होती है और endometrial receptivity बेहतर होती है। कुछ studies में implantation rate बेहतर मिली है। (PMC 10201963.)
Hormonal suppression
Progestins या Mirena IUD से symptoms और inflammation कम हो सकती है। IVF से पहले इसकी भूमिका पर research जारी है।
Surgery
Adenomyomectomy तकनीकी रूप से कठिन है और गर्भाशय को नुकसान का खतरा है। यह केवल severe, focal adenomyosis में बार-बार IVF fail होने पर विचार किया जाता है।
Dr. Sonu Balhara का तरीका
Sudan, Iran, Uzbekistan, Afghanistan, Bangladesh समेत कई देशों से मरीज़ Dr. Sonu Balhara के ART Fertility Clinics, Gurugram आते हैं। उनका तरीका:
- TVS और ज़रूरत पर MRI से पूरी जाँच
- IVF से पहले GnRH agonist downregulation
- Embryo transfer से पहले endometrium की जाँच
- ज़रूरत पर frozen embryo transfer
- बार-बार fail होने पर detailed workup
आखिरी बात
एडेनोमायोसिस प्रेग्नेंसी की राह रोकती नहीं — पर सोच-समझकर तैयारी ज़रूरी है। सही जाँच और इलाज से एडेनोमायोसिस वाली महिलाएं IVF से सफल गर्भावस्था पा सकती हैं।
अगर आपको एडेनोमायोसिस मिली है या भारे-दर्दनाक periods के साथ बच्चा नहीं हो रहा — Dr. Sonu Balhara से मिलें: ART Fertility Clinics, Sector 38, Gurugram या Greenwood City, Sector 46।

